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वर्दी के पीछे ऐसा हुनर, जिसे देखकर हर कोई हैरान

➤ शिमला के गेयटी थिएटर में पुलिस जवानों की पेंटिंग प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
➤ ‘Beyond the Uniform’ प्रदर्शनी में नशे के खिलाफ भी दिया गया मजबूत संदेश
➤ डीजीपी अशोक तिवारी बोले, दो माह में 16 पुलिस कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई


शिमला। राजधानी शिमला के ऐतिहासिक Gaiety Theatre में हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा आयोजित “Beyond the Uniform” (वर्दी से परे) कला प्रदर्शनी इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी पुलिस जवानों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा और मानवीय संवेदनाओं को सामने ला रही है। गेयटी थिएटर राज्य के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है और लंबे समय से कला व सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख स्थल रहा है।

इस प्रदर्शनी में 12 पुलिस कर्मियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया गया है। इनमें पोर्ट्रेट और मिक्स्ड मीडिया आर्ट के माध्यम से पुलिस जवानों के संवेदनशील और मानवीय पहलू को बेहद प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है। वर्दी के पीछे छिपे कलाकार को सामने लाने की यह पहल आम लोगों और पर्यटकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

प्रदर्शनी का एक अहम पक्ष नशे के दुष्प्रभावों पर केंद्रित संदेश भी है। कई पेंटिंग्स में युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का संदेश दिया गया है। हिमाचल पुलिस पिछले कुछ समय से नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस अभियान चला रही है, जिसे डीजीपी अशोक तिवारी लगातार मजबूत कर रहे हैं।

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन डीजीपी अशोक तिवारी ने किया। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल डंडे और बंदूक तक सीमित नहीं है, बल्कि कैनवास पर भी अपनी संवेदनाओं और प्रतिभा को अभिव्यक्त कर सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के भीतर छिपी कलात्मक क्षमता को मंच देना विभाग का उद्देश्य है, ताकि तनावपूर्ण ड्यूटी के बीच भी उन्हें रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर मिल सके।

नशे में कुछ पुलिस कर्मियों की संलिप्तता को लेकर पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि “पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं” और जो भी पुलिसकर्मी नशे के कारोबार या उससे जुड़े मामलों में पाए गए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि बीते दो महीनों में 16 पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से हटाया गया है। हाल के आधिकारिक मामलों में नशा तस्करी से जुड़े पुलिस कर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की कार्रवाई सामने आई है।

उन्होंने दोहराया कि सरकार और पुलिस मुख्यालय ने नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। डीजीपी का यह बयान हिमाचल में चल रही एंटी-ड्रग मुहिम को और मजबूत संकेत देता है।

इस मौके पर नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने जवानों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स की सराहना करते हुए कहा कि हर चित्र में एक मजबूत सामाजिक संदेश छिपा हुआ है, जो समाज को नई प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के व्यस्त समय के बावजूद पुलिस जवानों का इस तरह कला के लिए समय निकालना वास्तव में काबिले-तारीफ है।